गोरखपुर लोकसभा सीट पर चुनाव 11 मार्च को होगा 34 साल रहा है गोरक्षपीठ का कब्‍जा

गोरखपुर लोकसभा सीट पर चुनाव 11 मार्च को होगा 34 साल रहा है गोरक्षपीठ का कब्‍जा

गोरखपुर लोकसभा सीट पर चुनाव 11 मार्च को होगा, 34 साल रहा है गोरक्षपीठ का कब्‍जा। गोरखनाथ मंदिर का सदर लोकसभा सीट पर 28 साल लगातार और कुुुल मिलाकर 34 साल कब्जा रहा। वर्ष 1967 में ही पहली बार तत्कालीन गोरक्ष पीठाधीश्वर महतं दिग्विजयनाथ यहां से सांसद बने थे। योगी आदित्यनाथ 1998 में पहली बार इस सीट से सदन में पहुंचे और 2017 तक सांसद बने रहे। इसी साल सीएम बनने के बाद शारदीय नवरात्र के पहले दिन योगी ने त्याग पत्र दे दिया। अब 11 मार्च को इस सीट पर उप चुनाव होगा।

गोरखपुर लोकसभा सीट पर चुनाव 11 मार्च को होगा, 34 साल रहा है गोरक्षपीठ का कब्‍जा गोरखनाथ मंदिर

गोरक्षपीठाधीश्वर महंत दिग्विजयनाथ के बाद वर्ष 1970 में महंत अवेद्यनाथ यहां से सांसद जीते। वर्ष 1971 में यह सीट कांग्रेस नेता नरसिंह नारायण पांडेय के पास चली गई। वर्ष 1977 और 1980 के चुनाव में हरिकेश बहादुर तथा 1984 में मदन पांडेय सांसद चुने गए। वर्ष 1989 में गोरक्षानाथ मंदिर के तत्कालीन पीठाधीश्वर महंत अवैद्यनाथ यहां से दोबारा सांसद चुने गए। तब से अब तक यह सीट गोरक्षपीठ के पास रही। वर्ष 1991 और 1996 के चुनाव में भी महंत अवेद्यनाथ सांसद वही चुने गए। स्वास्थ्य खराब होने की वजह से वह 1998 के चुनाव में नहीं उतरे। योगी आदित्यनाथ भाजपा से चुनाव लड़े और सांसद चुने गए। इसके बाद 1999, 2004, 2009 और 2014 में योगी लगातार सांसद चुने गए।

गोरखपुर लोकसभा सीट पर चुनाव 11 मार्च को होगा, 34 साल रहा है गोरक्षपीठ का कब्‍जा लोकसभा सीट पर

सदर सांसद योगी आदित्यनाथ ने सीएम बनने के बाद 8 सितम्बर को विधान परिषद सदस्य निर्वाचित हुए। योगी को प्रमाणपत्र 8 सितम्बर को मिल गया था। इस हिसाब से 22 सितम्बर तक इस्तीफा देना था। भाजपा नेतृत्व ने तय किया कि योगी आदित्यनाथ एक दिन पहले 21 सितम्बर को दिल्ली जाकर लोकसभा सदस्यता से इस्तीफा दे दें।

गोरखपुर लोकसभा सीट पर चुनाव 11 मार्च को होगा, 34 साल रहा है गोरक्षपीठ का कब्‍जा

गोरखपुर लोकसभा सीट पर चुनाव 11 मार्च को होगा 34 साल रहा है गोरक्षपीठ का कब्‍जा96 साल पहले 1921 में गोरक्षपीठ के महंत दिग्विजय नाथ ने आजादी की लड़ाई में हिस्सा लिया। इस दौरान अंग्रेजों ने चौरी-चौरा प्रकरण में उन्हें गिरफ्तार किया था। महंत दिग्विजयनाथ पर इसका इल्जाम लगा। आजादी के बाद महंत दिग्विजय नाथ ने श्रीराम जन्मभूमि प्रकरण में खुद को आगे कर लिया। 1949 में अयोध्या में राम-सीता की मूर्ति स्थापित करने में उनकी प्रमुख भूमिका रही। आजादी के बाद महंत दिग्विजय नाथ को महात्मा गांधी के खिलाफ भड़काऊ भाषण देने के मामले में गिरफ्तार किया गया। वह 1937 में हिंदू महासभा में शामिल हो गए। 1967 में उन्होंने हिंदू महासभा से चुनाव लड़ा और सांसद भी बने।

गोरखपुर लोकसभा सीट पर चुनाव 11 मार्च को होगा, 34 साल रहा है गोरक्षपीठ का कब्‍जा पर 28 साल लगातार और कुुुल मिलाकर 34 साल कब्जा रहा

1967 के बाद गोरक्षपीठ की राजनीतिक विरासत को महंत अवेद्यनाथ ने आगे बढ़ाया। महंत अवैद्यनाथ 1970 और 1989 में हिंदू महासभा से सांसद बने। 1990 के अंत में बीजेपी ने राम मंदिर का मुद्दा उठा तो अवेद्यनाथ हिंदू महासभा छोड़ भाजपा में शामिल हो गए। 1991 और 1996 में महंत अवेद्यनाथ बीजेपी के टिकट पर सांसद चुने गए। महंत दिग्विजय नाथ और महंत अवेद्यनाथ की राजनीतिक विरासत को योगी आदित्यनाथ ही आगे बढ़ा रहे हैं। वह 1998 से लगातार 5 बार सांसद चुने गए। अब प्रदेश के मुख्यमंत्री का दायित्व संभाल रहे हैं। 1989 से ही गोरखपुर लोकसभा सीट गोरक्ष पीठ के पास रही। योगी आदित्यनाथ के इस्तीफा देने के बाद से ही यह सवाल खड़ा है कि उनकी जगह इस सीट से चुनाव कौन लड़ेगा? योगी आदित्यनाथ लगातार गोरखपुर लोकसभा सीट से न केवल चुनाव जीतते रहे बल्कि हर बार की जीत में वोटों का अंतर पिछली बार के मुकाबले अधिक होता गया।

बॉलीवुड और हॉलीवुड से जुडी चटपटी और मज़ेदार खबरे, फ़िल्मी स्टार की जिन्दगी से जुडी बातें, आपकी पसंदीदा सेलेब्रिटी की फ़ोटो, विडियो और खबरे पढ़े MDSS हिंदी न्यूज़ पर

शिल्पा शिंदे भाभी जी विवाद में मुझे डराने की कोशिश की गई जानिये पूरी खबर

सोनाक्षी सिन्हा का ‘वेलकम टू न्यूयॉर्क ‘ से जुड़ा ये बड़ा राज आया सामने देखिये

ताजातरीन खबरों के लिए यहाँ क्लिक करें

आप से विनम्र अनुरोध है कि आर्टिकल पर लाइक और कमेंट करना ना भूले और नीचे दिए कमेंट बॉक्स में अपनी राये दे साथ ही हमे फॉलो करना ना भूले जिससे आप हमारे आने वाले आर्टिकल से जुड़े रहें

दोस्तों संग शेयर करें
Share on Facebook
Facebook
Share on Google+
Google+
Tweet about this on Twitter
Twitter
Share on LinkedIn
Linkedin
Pin on Pinterest
Pinterest
Share on Tumblr
Tumblr

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *