PNB घोटाला में बड़ी गिरफ्तारी, विपुल अंबानी 5 मार्च तक CBI हिरासत में भेजे गए

PNB घोटाला में बड़ी गिरफ्तारी, विपुल अंबानी 5 मार्च तक CBI हिरासत में भेजे गए

PNB घोटाला में बड़ी गिरफ्तारी, विपुल अंबानी 5 मार्च तक CBI हिरासत में भेजे गए। 11,400 करोड़ रुपये के कथित पीएनबी धोखाधड़ी मामले में मुंबई की एक विशेष अदालत ने नीरव मोदी की कंपनी के सीएफओ विपुल अंबानी समेत 5 अन्य को पांच मार्च तक सीबीआइ हिरासत में भेज दिया गया है। विपुल अंबानी, नीरव मोदी की फायर स्टार डायमंड के अध्यक्ष (वित्त) हैं। नीरव मोदी और उसके रिश्तेदार व गीतांजलि जेम्स के मालिक मेहुल चौकसी की संलिप्तता वाले मामले में सीबीआइ द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकियों के आधार पर इन सभी छह लोगों को मंगलवार को गिरफ्तार किया गया।

PNB घोटाला में बड़ी गिरफ्तारी, विपुल अंबानी 5 मार्च तक CBI हिरासत में भेजे गए नीरव मोदी की कंपनी के सीएफओ

बता दें कि सीबीआइ की एफआइआर में लिखा गया है कि 2011-17 के बीच 6,498 करोड़ रुपये मूल्य के150 फर्जी एलओयू (जो कि एक तरह की बैंक गारंटी है) और 4,886 करोड़ रुपये मूल्य के143 फर्जी एलओयू साइन किए गए। इस मामले में अंबानी, कविता मानकीकर (कार्यकारी सहायक और तीन कंपनियां – डायमंड आर यूएस, स्टेलर डायमंड, सोलर एक्सपोर्ट्स), अर्जुन पाटील (सीनियर एक्जीक्यूटिव, फायरस्टार ग्रुप), और पीएनबी की ब्रैडी हाउस शाखा के तत्कालीन प्रमुख राजेश जिंदल को 31 जनवरी को सीबीआई द्वारा दर्ज एफआईआर में आरोपी के रूप में सूचीबद्ध किया गया था।

PNB घोटाला में बड़ी गिरफ्तारी, विपुल अंबानी 5 मार्च तक CBI हिरासत में भेजे गए

फाइव स्टार डायमंड कंपनी के अध्यक्ष (वित्त) विपुल अंबानी की गिरफ्तारी को अधिकारियों ने बड़ी सफलता माना है। मामले के दो मुख्य आरोपी नीरव मोदी तथा मेहुल चोकसी देश छोड़ कर जा चुके हैं। इस घोटाले में दर्ज अपनी दो प्राथमिकियों के सिलसिले में जांच एजेंसी ने चार अन्य वरिष्ठ कार्यपालक अधिकारियों को भी गिरफ्तार किया। जिसमें अंबानी को कार्यपालक सहायक कविता मानकीकर व वरिष्ठ कार्यपालक अधिकारी अर्जुन पाटिल के शामिल हैं। विशेष अदालत के न्यायाधीश एस आर तांबोली ने सभी छह आरोपियों को 5 मार्च तक सीबीआइ रिमांड पर भेज दिया है।

PNB घोटाला में बड़ी गिरफ्तारी, विपुल अंबानी 5 मार्च तक CBI हिरासत में भेजे गए

विपुल अंबानी की भूमिका पर सीबीआइ ने कहा कि वे मई 2013 से नवंबर 2017 तक वित्त विभाग के प्रमुख थे। उन्हें धोखाधड़ी और अवैध एलओयू के बारे में जानकारी थी। जिसे गोकुलनाथ शेट्टी द्वारा जारी किया गया था, जो मई 2017 में पीएनबी के उप प्रबंधक के रूप में सेवानिवृत्त हो चुके हैं। वे न केवल पीएनबी के ब्रैडी हाउस शाखा के अधिकारियों से मिलते थे बल्कि इसके सर्कल के अधिकारियों और क्षेत्रीय कार्यालयों के साथ बैठक भी करते थे। सीबीआई ने अपने रिमांड आवेदन में कहा, ‘ऑफिस में छानबीन के दौरान अंबासी के धोखाधड़ी के संलिप्त होने का तथ्य साबित हुआ। छानबीन के वक्त नीरव मोदी की तीनों कंपनियों द्वारा पीएनबी से धोखाधड़ी वाले एलओयू के आवेदनों को जब्त कर लिया गया है।

PNB घोटाला में बड़ी गिरफ्तारी, विपुल अंबानी 5 मार्च तक CBI हिरासत में भेजे गए

गीतांजलि ग्रुप के मैनेजर नितिन शाही की हिरासत की मांग करते हुए सीबीआइ ने कहा कि उन्होंने पीएनबी से खरीददार क्रेडिट से धोखाधड़ी का लाभ उठाने के लिए कथित एलओयू जारी करने के लिए आवेदन और संबंधित दस्तावेजों को तैयार किया। हालांकि शाही ने दावा किया कि सभी दस्तावेज तैयार किए गए और विपुल चाटालिया के अनुरोध पर शेट्टी को सौंप दिए गए। उन्होंने कहा कि लेनदेन पूरा हो जाने के बाद दस्तावेजों के साथ क्या किया गया था, इस सवाल पर वे टालमोल करते दिखे।

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