1 अप्रैल से लागू होगा ई-वे बिल, GST काउंसिल की बैठक में हुआ फैसला

1 अप्रैल से लागू होगा ई-वे बिल, GST काउंसिल की बैठक में हुआ फैसला

1 अप्रैल से लागू होगा ई-वे बिल, GST काउंसिल की बैठक में हुआ फैसला। गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) काउंसिल की बैठक शनिवार को वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में हुई। इसमें ई-वे बिल सिस्टम को 1 अप्रैल से लागू करने का निर्णय हुआ। यह एक राज्य से दूसरे राज्य में माल लाने-ले जाने के लिए होगा। राज्य के अंदर ई-वे बिल 15 अप्रैल से चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।

1 अप्रैल से लागू होगा ई-वे बिल, GST काउंसिल की बैठक में हुआ फैसला

बैठक में व्यापारियों के लिए जीएसटी रिटर्न फाइल करने का एक फॉर्म बनाने पर आमराय नहीं बन सकी। इससे रिटर्न फाइलिंग की मौजूदा व्यवस्था तीन महीने बढ़ा दी गई। मतलब, कारोबारियों को जून तक समरी सेल्स रिटर्न वाला जीएसटीआर-3बी फॉर्म भरना होगा। रिवर्स चार्ज का फैसला भी 1 जुलाई तक के लिए टल गया है। निर्यातकों को मिल रही छूट भी 6 महीने तक जारी रहेगी।जीएसटी काउंसिल की बैठक में जीएसटी रिटर्न फाइलिंग को आसान बनाने पर फैसला नहीं हो पाने के चलते कारोबारियों को समरी सेल्स रिटर्न वाला जीएसटीआर 3बी फॉर्म जून तक भरना होगा। फाइनैंस मिनिस्टर अरुण जेटली ने कहा कि जीएसटी काउंसिल ने रिटर्न फाइलिंग के दो तरीकों के बारे में चर्चा की है।

1 अप्रैल से लागू होगा ई-वे बिल, GST काउंसिल की बैठक में हुआ फैसला

राज्य के अंदर ही स्टॉक ट्रांसपोर्ट करने के लिए इंट्रा स्टेट ई-वे बिल बनेगा, जबकि एक राज्य से दूसरे राज्य में स्टॉक भेजने या मंगाने के लिए इंटर स्टेट ई-वे बिल बनेगा। इंट्रा स्टेट ई-वे बिल को 1 जून 2018 तक पूरे देश में लागू करने का प्लान है। इंट्रा स्टेट ई-वे बिल तीन राज्यों केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु में 15 अप्रैल से लागू होगा और इसके बाद अन्य राज्यों में लागू किया जाएगा। इंट्रा स्टेट ई-वे बिल 4 राज्यों के लॉट में लागू किया जाएगा।

1 अप्रैल से लागू होगा ई-वे बिल, GST काउंसिल की बैठक में हुआ फैसला

ई-वे बिल के तहत 50 हजार रुपये से ज्यादा के अमाउंट के प्रॉडक्ट की राज्य या राज्य से बाहर ट्रांसपॉर्टेशन या डिलिवरी के लिए सरकार को ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के जरिए पहले ही बताना होगा। इसके तहत ई-वे बिल जेनरेट करना होगा जो 1 से 20 दिन तक वैलिड होगा। यह वैलिडिटी प्रॉडक्ट ले जाने की दूरी के आधार पर तय होगी। जैसे 100 किलोमीटर तक के लिए 1 दिन का ई-वे बिल बनेगा, जबकि 1,000 किलोमीटर से ज्यादा की दूरी के लिए 20 दिन का ई-वे बिल बनेगा।

1 अप्रैल से लागू होगा ई-वे बिल, GST काउंसिल की बैठक में हुआ फैसला

जीएसटी काउंसिल ने रिवर्स चार्ज मेकनिजम, टैक्स डिडक्टेड ऐट सोर्स (टीडीएस), टीसीएस को 1 जुलाई तक टाल दिया है। जीएसटी में अनरजिस्टर्ड डीलर से प्रॉडक्ट या नॉन रजिस्टर जॉब वर्कर से सर्विस लेने पर रिवर्स चार्ज लगने का प्रावधान है। यानी, अनरजिस्टर्ड डीलर से सर्विस या प्रॉडक्ट लेने पर आपको टैक्स देना होगा। जैसे जीसएटी रजिस्टर्ड डीलर अगर किसी अनरजिस्टर्ड डीलर से कोई प्रॉडक्ट या सर्विस लेता है तो उसे रिवर्स चार्ज चुकाना होगा। ऐसा इसलिए है क्योंकि अनरजिस्टर्ड डीलर जीएसटी के दायरे से बाहर है। हालांकि रजिस्टर्ड डीलर को बाद में दिए गए टैक्स का रिफंड मिल जाएगा।

टाइगर श्रॉफ दिशा पटानी के ऊपर है साजिद सर का हाथ जानिए खबर

दीपिका कक्कड़ और शोएब इब्राहिम ने मुंबई में दिया शादी का ग्रैंड रिसेप्शन

दीपिका पादुकोण में 3 अभिनेत्रियों की झलक दिखाई देती है संजय लीला भंसाली

ताजातरीन खबरों के लिए यहाँ क्लिक करें

हिन्दी खबरों से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Google Play Store सें ⇒⇒⇒ MdssHindiNews (App)

दोस्तों संग शेयर करें
Share on Facebook
Facebook
Share on Google+
Google+
Tweet about this on Twitter
Twitter
Share on LinkedIn
Linkedin
Pin on Pinterest
Pinterest
Share on Tumblr
Tumblr

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *